भाजपा कल्याणपुर पश्चिमी मंडल अध्यक्ष ओम प्रकाश कुशवाहा ने जिला नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपने पद से दिया इस्तीफा! जिलाध्यक्ष उत्तरी नीलम साहनी ने मंडल अध्यक्ष के सभी आरोपों को बताया झूठा व बेबुनियाद

समस्तीपुर। भाजपा संगठन के कल्याणपुर पश्चिमी मंडल के मंडल अध्यक्ष ओम प्रकाश कुशवाहा ने, अपने संगठनात्मक परिस्थितियों और जिला नेतृत्व की कार्यप्रणाली से असहमति जताते हुए, अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसकी जानकारी उन्होंने प्रेस वार्ता का आयोजन कर पत्रकारों को दिया। इस संबंध में उन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष समस्तीपुर (उत्तरी) के उपर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
इस्तीफा पत्र में मंडल अध्यक्ष ने बताया है कि, पार्टी संगठन के प्रति उनकी पूर्ण निष्ठा और समर्पण रहा है। उन्होंने वर्ष 2014 में बूथ अध्यक्ष के रूप में संगठनात्मक जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद पंचायत अध्यक्ष, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष तथा चकमेहसी मंडल और कल्याणपुर पश्चिमी मंडल के, मंडल अध्यक्ष के रूप में भी संगठन को मजबूत करने और पार्टी के कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए लगातार कार्य किया है।
मंडल अध्यक्ष ओम प्रकाश कुशवाहा ने जिलाध्यक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि, मंडल अध्यक्ष के पद पर रहते हुए उन्हें संगठनात्मक निर्णयों को लेकर अपेक्षित समन्वय और सूचनाएं नहीं दी गईं। पत्र में जिला नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पार्टी फंड के कथित दुरुपयोग का भी उन्होंने आरोप लगाया है।
इस्तीफा पत्र में उन्होंने यह भी आरोप लगाया गया है कि, बार-बार आग्रह के बावजूद जिलाध्यक्ष ने उनके मोबाइल नंबर को ‘सरल ऐप’ पर इसलिए सही नहीं कराया, ताकि उनके कार्यक्रमों से संबंधित विडियो/फोटो को ऐप पर अपलोड नहीं किया जा सके। इसके अलावा NYKS में किसी अन्य व्यक्ति के स्थान पर जिला अध्यक्ष ने अपने पुत्र को रख लिया है। जिसे मंडल अध्यक्ष ने संगठनात्मक दृष्टिकोण से अनुचित बताया है।
मंडल अध्यक्ष ने जिलाध्यक्ष नीलम साहनी पर विधानसभा चुनाव के दौरान, प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों में कथित तौर पर अपने पुत्र, ड्राइवर और पुत्र के मित्र को फर्जी पदाधिकारी बनाकर प्रधानमंत्री से मुलाकात करा दिया। जिसे मंडल अध्यक्ष ने समर्पित कार्यकर्ताओं के अधिकारों की अनदेखी बताया है।
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि, इन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने संगठन के प्रति मजबूती से काम करना जारी रखा। लेकिन उनके मंडल में जिला अध्यक्ष द्वारा किसी अन्य व्यक्ति विशेष के साथ मिलकर पार्टी के कार्यक्रमों को कमजोर करने का प्रयास किया जाता रहा।
मंडल अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने विभिन्न स्तरों पर इन परिस्थितियों से नेतृत्व को अवगत कराया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसी कारण उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इस्तीफा भाजपा की विचारधारा से असहमति के कारण नहीं है, बल्कि समस्तीपुर (उत्तरी) जिला अध्यक्ष की कार्यप्रणाली के प्रति अपनी असहमति दर्ज कराने के लिए उन्होंने मंडल अध्यक्ष के दायित्व से इस्तीफा दिया है।
उन्होंने कहा कि पद से इस्तीफा देने के बावजूद वह भाजपा के सामान्य कार्यकर्ता के रूप में पार्टी की विचारधारा और संगठन के लिए मजबूती से काम करते रहेंगे।
वहीं इस संबंध में पुछे जाने पर भाजपा जिलाध्यक्ष उत्तरी नीलम साहनी ने, मंडल अध्यक्ष द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह गलत और निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि, पार्टी के निर्देशानुसार आयोजित अधिकांश कार्यक्रमों में संबंधित मंडल अध्यक्ष की सक्रियता और प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा है।। कई मौकों पर उनके द्वारा पार्टी की बैठकों का भी सही ढंग से आयोजन नहीं किया गया।
जिलाध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि, मंडल अध्यक्ष पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। जिसके संबंध में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को जानकारी थी। उन्होंने दावा किया कि पार्टी नेतृत्व द्वारा उन्हें मंडल अध्यक्ष के पद से हटाने की प्रक्रिया की जा रही थी, और इसकी जानकारी संभवतः उन्हें हो गई थी। इसी कारण उन्होंने स्वयं अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
पार्टी फंड के दुरुपयोग के आरोपों को खारिज करते हुए नीलम साहनी ने स्पष्ट किया कि, उनके द्वारा पार्टी फंड की किसी भी राशि का किसी प्रकार का दुरुपयोग नहीं किया गया है। अगर राशि दुरूपयोग से संबंधित कोई साक्ष्य उनके पास है तो वह उसे सार्वजनिक करे। उन्होंने कहा कि इस्तीफे को लेकर मंडल अध्यक्ष द्वारा लगाए गए अन्य आरोप भी वास्तविक तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।




