समस्तीपुर में राजद की बैठक, 5 जुलाई को स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों पर मंथन

समस्तीपुर। कर्पूरी आश्रम स्थित जिला राष्ट्रीय जनता दल (राजद) कार्यालय में रविवार 28 जून को जिला प्रभारी सह पूर्व विधायक निरंजन राय के मार्गदर्शन एवं राजद जिलाध्यक्ष सह पूर्व विधान पार्षद रोमा भारती की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में हाल ही में जिले के सभी प्रखंडों में आयोजित धरना कार्यक्रमों की समीक्षा की गई तथा आगामी 5 जुलाई को राजद के 29वें स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए उजियारपुर विधायक सह पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता, बिहार विधानसभा के पूर्व मुख्य सचेतक अख्तरुल इस्लाम शाहीन, मोरवा विधायक रणविजय साहू, जिला प्रभारी निरंजन राय, पूर्व मंत्री वैद्यनाथ सहनी, जिलाध्यक्ष रोमा भारती, पूर्व विधायक डॉ. एज्या यादव, राजद अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद सहनी, उजियारपुर संगठन जिलाध्यक्ष राजेश्वर महतो तथा वरीय नेता सत्यविंद पासवान ने कहा कि राजद की स्थापना 5 जुलाई 1997 को लालू प्रसाद यादव द्वारा सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई थी।
वक्ताओं ने कहा कि पार्टी ने अपनी स्थापना के समय से ही समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों, विशेषकर पिछड़े वर्गों, दलितों, अल्पसंख्यकों एवं गरीब तबकों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू कराने और पिछड़े वर्गों की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने में राजद की ऐतिहासिक भूमिका रही है, जिसे सामाजिक न्याय की क्रांति के रूप में याद किया जाता है।
बैठक में राजद के राजनीतिक सफर और उपलब्धियों पर भी चर्चा की गई। नेताओं ने बताया कि वर्ष 1997 में पार्टी की स्थापना के बाद राजद ने बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान बनाया। वर्ष 2004 में केंद्र की यूपीए सरकार में शामिल होकर लालू प्रसाद यादव ने रेल मंत्री के रूप में भारतीय रेलवे को नई पहचान दिलाई। वहीं वर्ष 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की जीत के बाद राजद ने राज्य की सत्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नेताओं ने कहा कि वर्तमान में तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद युवाओं के रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और सुशासन के मुद्दों को लेकर आगे बढ़ रही है। पार्टी का संकल्प “पढ़ाई, दवाई, कमाई, सिंचाई, सुनवाई और कार्रवाई” को जन-जन तक पहुंचाना है।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि राजद केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और समतामूलक समाज की स्थापना की विचारधारा का प्रतिनिधित्व करती है तथा सांप्रदायिक शक्तियों के खिलाफ लगातार संघर्षरत है। बैठक में 5 जुलाई को आयोजित होने वाले स्थापना दिवस समारोह को भव्य एवं सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं से अभी से तैयारी में जुट जाने का आह्वान किया गया।




