राजनिति

समस्तीपुर में खाद्य निगम मजदूरों की मजदूरी में लूट का आरोप, सीटू ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भेजा खुला पत्र

 समस्तीपुर। उजियारपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित बिहार राज्य खाद्य निगम के गोदाम सह कार्यालय पर, मंगलवार 14 जुलाई को सीटू कार्यकर्ताओं ने सीटू जिला कमिटी के बैनर तले, बिहार राज्य खाद्य निगम (बीएसएफसी) तथा केंद्रीय भंडार निगम (सीडब्ल्यूसी) में कार्यरत लोडिंग-अनलोडिंग मजदूरों की मजदूरी में कथित लूट के मामले को लेकर आक्रोशपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया।  धरना-प्रदर्शन के बाद आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि, सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का लाभ मजदूरों तक नहीं पहुंच रहा है और बड़े पैमाने पर मजदूरी की राशि का गबन किया जा रहा है।

सीटू के वक्ताओं ने यह भी कहा कि, बिहार सरकार ने अनाज की प्रति बोरी लोडिंग एवं अनलोडिंग के लिए 11.67 रुपये प्रति बोरी की दर निर्धारित की है, लेकिन जिले के विभिन्न गोदामों में मजदूरों को केवल 1.50 रुपये से 4 रुपये प्रति बोरी तक ही भुगतान किया जा रहा है। संगठन के नेताओं ने यह भी दावा किया कि, समस्तीपुर जिले में हर महीने लगभग 3.75 लाख बोरी अनाज का उठाव होता है, जिसके एवज में सरकार करीब एक करोड़ रुपये का भुगतान करती है। जिसमें से मजदूरों तक केवल 25 लाख रुपये ही पहुंच पाती हैं, जबकि शेष राशि संबंधित पदाधिकारी व संबंधित गोदाम के मैनेजर व अन्य कर्मियों के बीच बंदरबांट हो जाती है।

इस दौरान सीटू के जिला सचिव मनोज कुमार गुप्ता ने कहा कि, उन्होंने संगठन के माध्यम से महामहिम राज्यपाल व बिहार के मुख्यमंत्री को खुला पत्र भी भेजा है। जिस पत्र में उन्होंने यह भी बताया कि,  मजदूर यूनियन ने पहले भी पटना उच्च न्यायालय में सीडब्ल्यूजेसी संख्या 7038/2023 दायर किया था। न्यायालय के निर्देश के बाद बिहार राज्य खाद्य निगम के प्रबंध निदेशक ने न्यूनतम मजदूरी लागू करने संबंधी पत्र जारी किया था, लेकिन अभी तक इसका पालन कहीं भी नहीं कराया गया है।

इस दौरान सीटू नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि, जिला के सरायरंजन प्रखंड मुख्यालय स्थित गोदाम के मजदूर, जब बकाया मजदूरी और न्यूनतम मजदूरी की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे तो, प्रशासन ने उनकी मांगों पर विचार करने के बजाय उन्हें काम पर लौटने का दबाव बनाने लगे। सीटू ने इस दौरान यह भी आरोप लगाया कि, अनुमंडल पदाधिकारी ने मजदूरों को जेल भेजने की चेतावनी तक दे दिया था, और बाद में गोदाम को उजियारपुर प्रखंड स्थानांतरित कर दिया गया।

इस दौरान सीटू जिला कमिटी ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मांग किया कि, सभी लोडिंग-अनलोडिंग मजदूरों को सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम मजदूरी सीधे उनके बैंक खाते में दिलाई जाए, तथा मजदूरी भुगतान में कथित अनियमितताओं और लूट की सीबीआई जांच कराकर दोषी ठेकेदारों एवं अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। मौके पर सीटू जिला सचिव मनोज कुमार गुप्ता, सीटू जिलाध्यक्ष राम प्रकाश यादव व रघुनाथ राय, कोषाध्यक्ष उमेश साहनी, उपेंद्र राय, ललित पासवान, मुकेश साहनी, सुरेंद्र पासवान, मंटू साहनी व रामपुकार सहनी समेत दर्जनों सीटू कार्यकर्ता व नेता मौजूद रहे।

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