सुमन कुमारी हत्याकांड के विरोध में AISA व RYA ने निकाला कैंडल मार्च

समस्तीपुर। पूसा प्रखंड के वैनी थाना क्षेत्र अंतर्गत कैजिया गांव की रहने वाली, 12वीं की छात्रा सुमन कुमारी की स्कूल जाते समय दिनदहाड़े गोली मारकर की गई निर्मम हत्या के विरोध में, मंगलवार 21 जुलाई की शाम, आइसा आरवाईए के संयुक्त बैनर तले, वैनी पूसा रोड बाजार से स्टेशन होते हुए खुदीराम बोस प्रतिमा तक कैंडल मार्च निकाला गया। इसके बाद खुदीराम बोस स्टैचू के समीप श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई।
सभा की अध्यक्षता आरवाईए प्रखंड सचिव डॉ. मुकेश कुमार ने किया, जबकि संचालन आरवाईए नेता गणेश यादव ने किया। कैंडल मार्च में शामिल छात्र-युवाओं ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर दिवंगत छात्रा को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा “सुमन को न्याय दो”, “बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करो” और “अपराधियों को गिरफ्तार करो” जैसे नारे लगाए।
सभा को संबोधित करते हुए आरवाईए के जिला सचिव रौशन कुमार ने कहा कि, बिहार में भाजपा–जदयू सरकार के शासनकाल में अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या, लूट, महिलाओं व छात्राओं पर हमले लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि सरकार कानून-व्यवस्था के नाम पर केवल प्रचार कर रही है। उन्होंने चेतावनी भी दिया कि, यदि सुमन कुमारी को शीघ्र न्याय नहीं मिला तो आइसा और आरवाईए पूरे जिले में व्यापक लोकतांत्रिक जनआंदोलन चलाएगी। जिसकी जिम्मेदारी सरकार और जिला प्रशासन की होगी।
भाकपा (माले) पूसा प्रखंड सचिव अमित कुमार ने कहा कि, सुमन कुमारी की हत्या केवल एक छात्रा की हत्या नहीं, बल्कि बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा के अधिकार और कानून के शासन पर सीधा हमला है। उन्होंने अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी कर फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कठोर सजा दिलाने की मांग की।
आरवाईए प्रखंड सचिव डॉ. मुकेश कुमार ने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, परिवार की सुरक्षा तथा विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के मार्गों पर स्थायी पुलिस गश्ती और छात्राओं की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
कैंडल मार्च में भाकपा (माले) प्रखंड कमिटी सदस्य जितेंद्र राय, मो. आले, मो. आसेद के अलावा आइसा–आरवाईए के गणेश यादव, राजीव कुमार, मंदीप कुमार, अभिषेक कुमार, रंजन कुमार, राकेश कुमार, राजकुमार, अभिषेक कुमार, नयन कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र-युवा, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक शामिल हुए।



