बिहार पुलिस

समस्तीपुर में महिला होमगार्ड जवान ने पुलिस वर्दी में बनाया विडियो! सोशल मिडिया एकाउंट से विडियो हुई वायरल! फर्ज पर ध्यान कम! रील्स पर ध्यान ज्यादा! बिहार पुलिस की यही है पहचान!

समस्तीपुर। समस्तीपुर जिले में एक महिला होमगार्ड जवान द्वारा पुलिस वर्दी में बनाए गए वीडियो और रील्स सोशल मीडिया पर विगत कुछ दिनों से बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो को लेकर विभागीय अनुशासन और पुलिस वर्दी के उपयोग पर सवाल भी खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के बीच इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

आपको बता दें कि, जिले के विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक महिला होमगार्ड जवान के दर्जनों वीडियो और फोटो वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में महिला जवान पुलिस वर्दी पहनकर भोजपुरी एवं हिंदी गानों पर रील्स बनाती हुई दिखाई दे रही है। कुछ वीडियो कथित रूप से ड्यूटी के दौरान बनाए गए बताए जा रहे हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

वायरल वीडियो और फोटो को लेकर दावा किया जा रहा है कि वह “कॉप अर्चना साहनी” नामक इंस्टाग्राम आईडी से पोस्ट किए गए हैं। वीडियो में दिखाई दे रही महिला जवान की वर्दी पर लगे नेम प्लेट में भी अर्चना कुमारी नाम अंकित दिखाई देता है। इसी आधार पर लोगों द्वारा यह अनुमान लगाया जा रहा है कि, उक्त वीडियो स्वयं महिला जवान द्वारा ही बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए हैं।

वहीं पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, संबंधित महिला होमगार्ड जवान की तैनाती वर्तमान में ताजपुर थाना क्षेत्र में बताई जा रही है। वहीं वायरल हो रहे अधिकांश वीडियो और फोटो हाल के 10 से 15 दिनों के भीतर के बताए जा रहे हैं। हालांकि इस संबंध में पुलिस विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

ज्ञात हो कि, इससे पहले भी समस्तीपुर जिला दलसिंहसराय, उजियारपुर, मुसरीघरारी थाना सहित अन्य थाना में पदस्थापित बिहार पुलिस के जवान तथा बिहार होमगार्ड जवानों के कुछ इसी तरह के पुलिस वर्दी में विडियो व फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। बावजूद इसके विभागीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं होने से, पुलिस बल के कुछ कर्मियों में अनुशासनात्मक नियमों का भय कम होता दिखाई दे रहा है।

जानकारों का मानना है कि पुलिस एवं सुरक्षा बलों के जवानों के लिए वर्दी केवल एक पोशाक नहीं बल्कि विभाग की गरिमा और अनुशासन का प्रतीक होती है। ऐसे में यदि कोई कर्मी वर्दी का उपयोग मनोरंजनात्मक वीडियो या व्यक्तिगत प्रचार-प्रसार के लिए करता है तो, यह विभागीय नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में आ सकता है। हालांकि किसी भी कार्रवाई से पहले संबंधित वीडियो की सत्यता, ड्यूटी की स्थिति तथा विभागीय नियमों के उल्लंघन की जांच आवश्यक होगी।

फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि समस्तीपुर पुलिस प्रशासन एवं बिहार होमगार्ड विभाग वायरल वीडियो की जांच कर कोई विभागीय कार्रवाई करता है या नहीं।

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