उजियारपुर थाना क्षेत्र में पलटी शराब लदा पिकअप, मौके पर पहुंची पुलिस, पिकअप को जब्त कर लाया गया थाना, अवैध वसूली कर थाने से छोड़ा गया पिकअप, धंधेबाज पर प्राथमिकी नही

समस्तीपुर। जिले के विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने समस्तीपुर पुलिस की भूमिका को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में एक पलटी हुई पिकअप सड़क किनारे दिखाई दे रही है। पिकअप के आसपास बिहार सरकार द्वारा प्रतिबंधित विदेशी शराब के कार्टून और कुछ शराब की बोतलें बिखरी हुई नजर आ रही हैं। वहीं घटनास्थल के पास ही दो पुलिस वाहन खड़ी है, और कुछ पुलिसकर्मी भी घटनास्थल की जांच-पड़ताल करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार वायरल वीडियो उजियारपुर थाना क्षेत्र के महिसारी गांव का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, घटना आज से लगभग आठ दिन पूर्व शनिवार, 25 जुलाई के अहले सुबह करीब तीन बजे की बतायी जा रही है। बताया जाता है कि प्रतिबंधित विदेशी शराब से लदा एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर महिसारी गांव में सड़क किनारे पलट गया।
दुर्घटना की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। सुत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ लोग बिखरी शराब की बोतलें उठाने लगे। इसी दौरान कथित शराब माफिया भी अपने सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंच गया और शराब को वहां से हटाने की तैयारी शुरू कर दिया।
स्थानीय सूत्रों ने यह भी बताया कि, कि शराब कारोबारी ने एक स्थानीय पिकअप चालक को कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए, 10 हजार रुपये देकर बुलाया और सड़क किनारे बिखड़े पड़े विदेशी शराब से भरे कार्टून को दूसरे पिकअप पर लादकर वहां से हटवा दिया। इसके बाद दुर्घटनाग्रस्त पिकअप को सीधा करने के लिए, एक स्थानीय जेसीबी चालक से भी संपर्क किया गया, जिसने कथित रूप से पांच हजार रुपये में वाहन खड़ा करने की सहमति दी।
हालांकि इसी बीच किसी ने इस घटना की सूचना उजियारपुर थाना को अथवा डायल 112 को दे दिया। सूचना मिलते ही रात्रि गश्ती दल मौके पर पहुंच गयी और जांच शुरू कर दी। पुलिस की मौजूदगी के कारण दुर्घटनाग्रस्त पिकअप को तत्काल हटाया नहीं जा सका।
सूत्रों के अनुसार, सुबह लगभग छह बजे जेसीबी की सहायता से पलटे वाहन को सीधा किया गया,और उस पिकअप को उजियारपुर थाने की पुलिस द्वारा थाना ले आया गया। बताया जाता है कि, वाहन को थाना पर लाने के बाद उसे थाना परिसर नहीं लाकर उसे थाना परिसर के मुख्य द्वार के आसपास खड़ा कर दिया गया।
पिकअप केशथाना पहुंचने के बाद उस पिकअप पर लगे नंबर प्लेट के आधार पर पिकअप मालिक की पहचान की गई, तथा वाहन मालिक के माध्यम से शराब धंधेबाज की भी पहचान कर ली गई। इस संबंध में विश्वसनीय सुत्र का बताना है कि, थानाध्यक्ष उजियारपुर अजीत कुमार ने, सड़क किनारे पलटे पिकअप वाहन को छोड़ने और शराब धंधेबाज से उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं करने के एवज में दोनों से अवैध राशि की वसूली की गई।
कुछ सूत्रों ने यह भी दावा किया है कि, उक्त शराब धंधेबाज तक पहुंचने में बुधन पासवान नाम के एक व्यक्ति ने महत्वपूर्ण की भूमिका निभाई है। सुत्रों का यह भी दावा है कि, उजियारपुर थानाध्यक्ष अजीत कुमार के द्वारा, पुलिस विभाग के ही एक वरिष्ठ अधिकारी, जिससे काफी अच्छा संबंध है के सरकारी आवास पर प्रतिदिन एक चौकीदार के माध्यम से गाय का शुद्ध दूध भेजा जाता है, तथा कुछ समय के अंतराल पर अन्य सामान भी उसी माध्यम से पहुंचाया जाता है। इन्हीं कारणों से थानाध्यक्ष उजियारपुर अजीत कुमार को विभागीय संरक्षण भी प्राप्त है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि समस्तीपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इस वायरल वीडियो और उससे जुड़े आरोपों की जांच कराते हैं या नहीं। यदि जांच होती है तो क्या दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी, अथवा मामला पहले की तरह जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में चला जाएगा। हालांकि इस संबंध में दलसिंहसराय एसडीपीओ विवेक कुमार शर्मा का बताना है कि, इस मामले की जानकारी उन्हें मिडिया के द्वारा मिली है। इस संबंध में उजियारपुर थानाध्यक्ष से जांच प्रतिवेदन की मांग की गयी है। इसके बाद ही कुछ स्पष्ट हो पाएगा।



