पेपर लीक पर रोक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आइसा का प्रतिरोध मार्च

समस्तीपुर। पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर, भाकपा (माले) के छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के बैनर तले शुक्रवार 24 जुलाई की शाम करीब 6 बजे उजियारपुर के बाबूलाल चौक से प्रतिरोध मार्च निकाला गया।
प्रतिरोध मार्च में शामिल छात्र-युवाओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए, शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार, लगातार हो रही परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं पर कड़ा आक्रोश जताया। मार्च बाबूलाल चौक से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए उजियारपुर स्टेशन चौक पहुंचा, जहां यह प्रतिरोध मार्च एक सभा में तब्दील हो गया।
सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले नेता गंगा प्रसाद पासवान ने कहा कि, देश में लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। सरकार परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता बनाए रखने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं से युवाओं का विश्वास शिक्षा व्यवस्था से उठता जा रहा है।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि, शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी एवं भ्रष्टाचारमुक्त बनाने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। साथ ही पेपर लीक की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने तथा नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा देने की मांग की।
सभा के अंत में आंदोलनकारियों ने चेतावनी भी दिया कि, यदि सरकार छात्रों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं करती है तो, आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।




