दलित नाबालिग छात्रा गैंगरेप मामले में ऐपवा का प्रतिरोध मार्च, दोषियों की गिरफ्तारी और स्पीडी ट्रायल की मांग

समस्तीपुर) अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) की उजियारपुर प्रखंड कमिटी के तत्वावधान में, दलित नाबालिग छात्रा के साथ हुए कथित गैंगरेप मामले को लेकर, गुरुवार 23 जुलाई को पीड़ित परिवार के घर से प्रतिरोध मार्च निकाला गया।

मार्च में शामिल महिलाओं और कार्यकर्ताओं ने, गगनभेदी नारे लगाते हुए सभी आरोपितों की अविलंब गिरफ्तारी, स्पीडी ट्रायल चलाकर कठोर सजा, पीड़िता को न्याय, परिवार को सुरक्षा तथा 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। आयोजित इस प्रतिरोध मार्च का नेतृत्व ऐपवा नेत्री प्रीति कुमारी, नीलम देवी, फूलन देवी, गुलशन आरा और गुड़िया खातून ने किया।
सभा को संबोधित करते हुए ऐपवा नेत्री एवं भाकपा-माले राज्य कमिटी सदस्य प्रीति कुमारी ने कहा कि, दलित नाबालिग छात्रा के साथ हुई घटना ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। यह सरकार एवं प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक पीड़ित परिवार को न्याय और सुरक्षा दिलाने के लिए केवल भाकपा-माले और ऐपवा ही सड़क पर संघर्ष कर रहे हैं, जबकि अन्य राजनीतिक दलों के नेता आरोपितों को संरक्षण देने में लगे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि, आरोपित खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार को धमकियां दे रहे हैं, लेकिन उजियारपुर पुलिस अब तक उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
भाकपा-माले के वरिष्ठ नेता महावीर पोद्दार ने कहा कि घटना के दस दिन बीत जाने के बावजूद, एक भी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं होना प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि दिनदहाड़े एक दलित नाबालिग छात्रा का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म जैसी गंभीर घटना को अंजाम दिया गया, फिर भी दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
भाकपा-माले के प्रखंड सचिव गंगा प्रसाद पासवान ने भी आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि, इस मामले में पुलिस की कार्रवाई संतोषजनक नहीं है और दोषियों को कानून के कठघरे में लाया जाना चाहिए।
मौके पर जिला कमिटी सदस्य समीम मंसूरी, प्रखंड कमिटी सदस्य धनंजय प्रकाश, मोहम्मद फरमान, भीम सहनी, संजय पासवान सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष कार्यकर्ता मौजूद रहे।



