एक माह बाद भी मुख्य आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं, पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

समस्तीपुर/उजियारपुर: सूरजपुर गांव में हथियार लहराने, हवाई फायरिंग करने, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के चर्चित मामले में, घटना के करीब एक माह बीत जाने के बाद भी, इस घटना के मुख्य आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने से, पिड़ित पक्ष व स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती ही जा रही है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार प्राथमिकी में नामजद दो आरोपितों को पुलिस ने स्वयं गिरफ्तार नहीं किया, बल्कि पीड़ित पक्ष के लोगों द्वारा पकड़कर पुलिस के हवाले किए जाने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। इसके बावजूद मामले के अन्य प्रमुख आरोपितों में शामिल नीरज कुमार, मुन्ना कुमार सहित अन्य नामजद आरोपित अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। जबकि सभी आरोपित बेखौफ होकर थाना भवन के आसपास चक्कर काटते नजर आ जाते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस मामले में हथियार लहराने, हवाई फायरिंग करने और लोगों को जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हों, उसमें एक माह बाद भी मुख्य आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। लोगों का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई अपेक्षित गति से नहीं चल रही है।
इधर, क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि मामले के मुख्य आरोपित को गिरफ्तार नहीं किए जाने के पीछे कथित रूप से “गांधी जी की तस्वीर वाले कागज” यानी रिश्वत का खेल हुआ है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि या प्रत्यक्ष साक्ष्य सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।
पीड़ित पक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच, फरार आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा पुलिस की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। वहीं




