भाकपा माले के वरिष्ठ नेता फूलेन्द्र प्रसाद सिंह का निधन, वामपंथी आंदोलन को अपूरणीय क्षति

उजियारपुर। भाकपा माले के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व पंचायत समिति सदस्य फूलेन्द्र प्रसाद सिंह का बुधवार 28 अक्टूबर को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने भगवानपुर देसुआ स्थित अपने आवास पर सुबह 10:40 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पार्टी कार्यकर्ताओं और वामपंथी आंदोलन से जुड़े लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।
फूलेन्द्र प्रसाद सिंह किसानों, मजदूरों और गरीबों के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करने वाले सक्रिय व समर्पित नेता थे। पिछले करीब 30 वर्षों से भाकपा माले की ओर से निर्धारित जिम्मेदारियों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करते हुए पंचायत से लेकर प्रखंड स्तर तक जनसमस्याओं को उठाते रहे। सामाजिक समस्याओं के प्रति उनकी सजगता और आम लोगों के हित में संघर्ष करने की प्रतिबद्धता उनकी पहचान थी।
वह भगवानपुर देसुआ पंचायत से पंचायत समिति सदस्य के रूप में निर्वाचित हुए थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विकास योजनाओं के संचालन में भी सक्रिय भूमिका निभाई। जीवनपर्यंत भाकपा माले की क्रांतिकारी विचारधारा को आत्मसात करते हुए वे सामाजिक परिवर्तन की लड़ाई में जुटे रहे। उनके निधन पर भाकपा माले के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्थिव शरीर पर पार्टी का लाल झंडा अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान एपवा नेत्री वंदना सिंह, भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह, जिला सचिव उमेश कुमार, ललन कुमार, फूलबाबू सिंह, महावीर पोद्दार, जीवछ पासवान, उपेंद्र राय, गंगा प्रसाद पासवान, महेश कुमार, मो. उस्मान, शंकर प्रसाद यादव, राम भरोस राय, तननजय प्रकाश, राम सगुण सिंह, अर्जुन दास, दिलीप कुमार राय, रोहित कुमार, नंदकिशोर राय, उपसरपंच सुधांशु प्रियदर्शी, सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।



