सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों से रोज लग रहा लंबा जाम, 20-25 मिनट तक थमा रहा यातायात

दरभंगा। सुपौल-कुशेश्वरस्थान मुख्य सड़क पर बिरौल बाजार क्षेत्र में प्रतिदिन लगने वाले जाम से आम लोगों का जीवन काफी प्रभावित हो रहा है। टू-लेन सड़क पर बेतरतीब ढंग से खड़े ट्रक, बस और अन्य भारी वाहनों के कारण, यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। गुरुवार 09 जुलाई को भी बिरौल विद्युत उपकेंद्र के पास यही स्थिति देखने को मिली, जब सड़क किनारे खड़े ट्रकों की वजह से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई, और करीब 20 से 25 मिनट तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
जाम में छोटे-बड़े वाहन, एंबुलेंस, स्कूली वाहन और बड़ी संख्या में बाइक सवार फंस गए। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी विलंब हुआ। कई यात्रियों ने बताया कि रोजाना इसी तरह की स्थिति बनने से समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है।
पुलिस के हस्तक्षेप से खुला जाम
सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और सड़क किनारे खड़े वाहनों को हटवाने के साथ-साथ यातायात को व्यवस्थित कराया। पुलिस की काफी मशक्कत के बाद लगभग आधे घंटे में आवागमन सामान्य हो सका। हालांकि लोगों का कहना है कि यह समस्या अस्थायी कार्रवाई से नहीं, बल्कि स्थायी व्यवस्था से ही समाप्त हो सकती है।
बस स्टैंड, कॉलेज गेट और बाजार क्षेत्र बने जाम के हॉटस्पॉट
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, सुपौल बस स्टैंड, कॉलेज गेट और बिरौल बाजार क्षेत्र में प्रतिदिन सुबह से लेकर शाम तक जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़क के दोनों किनारों पर बड़े वाहन खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे टू-लेन सड़क का आधा हिस्सा घिर जाता है। ऐसे में थोड़ी सी भी वाहनों की आवाजाही बढ़ते ही लंबा जाम लग जाता है।
व्यवसायियों और राहगीरों का कहना है कि कई बार मरीजों को अस्पताल ले जाने वाली एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती है। छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और आवश्यक कार्यों से आने-जाने वाले लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों ने उठाई स्थायी समाधान की मांग
नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क किनारे स्पष्ट रूप से ‘नो-पार्किंग’ बोर्ड लगाए जाएं तथा अवैध रूप से वाहन खड़ा करने वालों पर सख्त कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया जाए। साथ ही बसों और ट्रकों के लिए अलग पार्किंग स्थल निर्धारित किया जाए, ताकि मुख्य सड़क पर यातायात बाधित न हो। लोगों का कहना है कि यदि नियमित रूप से अभियान चलाकर सड़क किनारे खड़े वाहनों को हटाया जाए और नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए, तो जाम की समस्या काफी हद तक समाप्त हो सकती है।
क्या बोले एसडीओ
इस संबंध में बिरौल के एसडीओ शशांक राज ने कहा कि जाम की समस्या गंभीर है और इसे प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एसडीओ ने बताया कि जल्द ही सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन के प्रस्तावित अभियान से लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या का स्थायी समाधान निकल सकेगा और सुपौल-कुशेश्वरस्थान मुख्य सड़क पर यातायात पहले की तरह सुचारु हो सकेगा।