ताजपुर-बख्तियारपुर परियोजना और गंगा कटाव प्रभावित क्षेत्रों का डीएम ने किया स्थल निरीक्षण, मौके पर मौजूद अधिकारियों को दिया आवश्यक दिशा-निर्देश

समस्तीपुर।जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने बुधवार को जिले में संचालित महत्वपूर्ण विकास एवं आधारभूत संरचना परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के क्रम में, ताजपुर-बख्तियारपुर परियोजना का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना के विभिन्न कार्यस्थलों का भ्रमण कर निर्माण कार्य की प्रगति, भूमि संबंधी मामलों और परियोजना के क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने संबंधित अधिकारियों एवं अभियंताओं से कार्यों की प्रगति और सामने आ रही समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करते हुए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और परियोजना के कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया।

इसके बाद जिलाधिकारी ने गंगा नदी के कटाव प्रभावित क्षेत्रों का भी स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने कटाव की वर्तमान स्थिति, प्रभावित क्षेत्रों एवं संवेदनशील स्थलों का जायजा लिया तथा मौके पर चल रहे कटाव निरोधक कार्यों का निरीक्षण किया।
डीएम ने संबंधित अभियंताओं से कटाव निरोधक कार्यों की तकनीकी स्थिति, प्रगति, नदी के जलस्तर और कटाव की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने संवेदनशील स्थलों पर आवश्यकतानुसार सुरक्षात्मक एवं कटाव निरोधक उपाय प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि गंगा नदी के कटाव की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए। संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार कटाव निरोधक एवं सुरक्षात्मक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। उन्होंने अभियंताओं को नियमित तकनीकी आकलन करते हुए परिस्थितियों के अनुरूप त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कटाव प्रभावित क्षेत्रों में आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं अभियंता लगातार क्षेत्र में निगरानी रखें और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
निरीक्षण के दौरान जिला भू-अर्जन पदाधिकारी प्रवीण कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी समस्तीपुर सदर राकेश कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी पटोरी विकास कुमार पांडेय, संबंधित परियोजनाओं के अभियंता एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ विकास परियोजनाओं में अपेक्षित गति लाने तथा गंगा नदी के कटाव से प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में समयबद्ध तरीके से आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।



