हड्डी रोग उपचार का भरोसेमंद केंद्र बन रहा माता चंद्रकला हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर

समस्तीपुर: एक समय था जब हड्डी से जुड़ी गंभीर बीमारियों या जटिल फ्रैक्चर के इलाज के लिए लोगों को पटना, दिल्ली या देश के अन्य बड़े महानगरों का रुख करना पड़ता था। इलाज के साथ-साथ यात्रा करने, रहने और अन्य खर्चों के कारण मरीजों और उनके परिजनों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता था, लेकिन अब समस्तीपुर जिले में स्थित माता चंद्रकला हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर स्थानीय लोगों के साथ-साथ सीमावर्ती जिलों के मरीजों के लिए भी एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उभर रहा है।
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. डी.के. शर्मा के नेतृत्व में अस्पताल में हड्डी एवं जोड़ से संबंधित अनेक जटिल बीमारियों और दुर्घटनाओं का आधुनिक तकनीक से उपचार किया जा रहा है। अस्पताल में सामान्य फ्रैक्चर से लेकर जटिल हड्डी टूटने, जोड़ प्रत्यारोपण, प्लेट-रॉड लगाने, ट्रामा के मामलों तथा अन्य ऑर्थोपेडिक सर्जरी की सुविधाएं भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ डी के शर्मा द्वारा संचालित माता चंद्रकला हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में ईलाज कराने आए मरीज के परिजनों का कहना है कि, पहले जिन ऑपरेशनों के लिए उन्हें बड़े-बड़े शहरों के अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता था, वही उपचार अब समस्तीपुर में अपेक्षाकृत कम खर्च में उपलब्ध हो रहा है। इससे मरीजों का समय और धन दोनों की बचत हो रही है, साथ ही इलाज भी अपने जिले में ही मिल रहा है।
अस्पताल में आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, आवश्यक चिकित्सा उपकरण, प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों तथा मरीजों की देखभाल की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है। यही कारण है कि समस्तीपुर के अलावा दरभंगा, बेगूसराय, खगड़िया, वैशाली सहित आसपास के अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में मरीज यहां पहुंच रहे हैं।
वहीं डॉ. डी.के. शर्मा का कहना है कि, उनका उद्देश्य मरीजों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और आधुनिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि किसी भी व्यक्ति को केवल बेहतर इलाज के लिए महानगरों की ओर पलायन न करना पड़े। उनका प्रयास है कि, हर मरीज को समय पर सही उपचार और उचित चिकित्सकीय परामर्श मिल सके।
आपको बता दें कि, स्वास्थ्य सुविधाओं के लगातार विस्तार के साथ माता चंद्रकला हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर समस्तीपुर और आसपास के क्षेत्रों में, हड्डी रोग उपचार के एक प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत करता दिखाई दे रहा है। यदि इसी प्रकार आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार होता रहा, तो आने वाले समय में यह अस्पताल उत्तर बिहार के प्रमुख ऑर्थोपेडिक एवं ट्रामा सेंटरों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।