तेज धूप, उमस और चिलचिलाती गर्मी बन रही जानलेवा, सावधानी ही बचाव

बिहार। मानसून के कमजोर पड़ने और तेज धूप के कारण इन दिनों लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। सुबह से ही सूर्य की तेज किरणें लोगों को झुलसाने लगती हैं, जबकि दोपहर होते-होते सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। गर्म हवाएं, बढ़ता तापमान और अत्यधिक उमस न केवल लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रही है, बल्कि स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डाल रही है। चिकित्सकों का कहना है कि लापरवाही बरतने पर हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
अत्यधिक गर्मी में लंबे समय तक रहने से शरीर का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है। इससे चक्कर आना, बेहोशी, तेज बुखार, उल्टी और गंभीर स्थिति में मौत तक हो सकती है।
गर्मी में अधिक पसीना निकलने से शरीर में पानी और आवश्यक लवणों की कमी हो जाती है। इसके कारण कमजोरी, सिरदर्द, थकान और चक्कर आने जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। तेज धूप और पसीने के कारण घमौरियां, खुजली, त्वचा पर जलन और सनबर्न जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं।
तेज धूप से आंखों में जलन, लालिमा और देखने में परेशानी हो सकती है। लंबे समय तक धूप में रहने से आंखों की रोशनी पर भी असर पड़ सकता है। अधिक गर्मी और उमस से हृदय रोगियों तथा उच्च रक्तचाप के मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है। शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ने से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और बुजुर्ग गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। इनके लिए हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक रहता है।
गर्मी से बचाव के उपाय
दिनभर में नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें। प्यास लगने का इंतजार न करें। नींबू पानी, छाछ, लस्सी, नारियल पानी और ओआरएस का सेवन शरीर में पानी और लवण की कमी को पूरा करता है। सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक धूप सबसे अधिक तेज रहती है। इस दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। ढीले, हल्के रंग के और सूती कपड़े पहनने से शरीर को ठंडक मिलती है और पसीना आसानी से सूखता है।
धूप में निकलते समय छाता, टोपी, गमछा या स्कार्फ का उपयोग करें। धूप का चश्मा पहनना भी लाभदायक है। बासी भोजन से बचें। मौसमी फल जैसे तरबूज, खीरा, ककड़ी और आम का सीमित मात्रा में सेवन करें। घर के बुजुर्गों और बच्चों को अधिक समय तक धूप में न रहने दें, तथा समय-समय पर पानी और तरल पदार्थ देते रहें।
हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखें तो क्या करें?
यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, चक्कर, बेहोशी, सांस लेने में परेशानी या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो तो उसे तुरंत छायादार स्थान पर ले जाएं। शरीर को ठंडे पानी से पोंछें, पानी या ओआरएस पिलाएं और तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं।
स्वास्थ्य विभाग की अपील
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील किया है कि, इस भीषण गर्मी और उमस को हल्के में न लें। विशेष रूप से खेतों में काम करने वाले किसान, मजदूर, रिक्शा चालक और खुले आसमान के नीचे काम करने वाले लोग सावधानी बरतें। समय रहते बचाव के उपाय अपनाकर गर्मी से होने वाली गंभीर बीमारियों और दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है। “गर्मी को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। पर्याप्त पानी पिएं, धूप से बचें और अपने परिवार का विशेष ख्याल रखें।”
