दुर्गा मेला में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले पत्रकार से धक्का-मुक्की, पुलिस का सहयोग कर रहे सिविलियन ने भी पत्रकार के साथ की गुंडई, विडियो हुआ वायरल

समस्तीपुर: मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के बथुआ बुजुर्ग स्थित डीहवारनी स्थान दुर्गा मेला के सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस कर्मियों से सवाल करने पर, पुलिस का सहयोग कर रहे एक सिविलियन के द्वारा पत्रकार का मोबाईल छीनने व सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा दुर्व्यवहार करने का मामला प्रकाश में आया है।
इस संबंध में पत्रकार मोहम्मद नशीरुद्दीन का बताना है कि, वह सोमवार 26 अक्टूबर की शाम करीब आठ बजे अपने दोस्तों के साथ दुर्गा मेला देखने पहुंचे थे। जिस समय वह मेला परिसर में पहुंचे, उस समय मेला में काफी भीड़ थी, जिसके कारण मुख्य सड़क पर जाम की स्थिति बनी हुई थी, साथ ही जागरण स्थल और आसपास के ईलाकों में काफी भीड़ के बावजूद पुलिसकर्मी नजर नहीं आ रहे थे।

दुर्गा मंदिर के सामने केवल एक महिला और एक पुरुष सिपाही दिखाई दिए। जब उन्होंने मेले में खोजबीन किया तो, मुख्य सड़क पर चौराहे के पश्चिमी हिस्से में कई पुलिसकर्मी वाहनों के अंदर तथा कुर्सियों पर बैठे नजर आए। जब उन्होंने कुर्सी पर बैठे एएसआई ललन कुमार से उनकी ड्यूटी के संबंध में जानकारी मांगी, तो उन्होंने स्वयं को क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) का सदस्य बताया। इसके बाद ड्यूटी को लेकर दोनों के बीच बातचीत होने लगी।
इसी दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी ने उनसे कहा कि, वह उनसे ड्यूटी के बारे में सवाल पूछने वाला कौन होता है ? इस दौरान एएसआई ललन कुमार ने थानाध्यक्ष मुसरीघरारी या एसपी समस्तीपुर से बात करने की सलाह देने लगे। जिसके बाद उन्होंने जैसे ही मुसरीघरारी थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह को फोन कर मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों के बारे में जानकारी देने लगे, मौके पर मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों तथा अधिकारियों ने उनके साथ धक्का-मुक्की करना शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी जबरन उन्हें पकड़कर पुलिस वाहन में बैठाने की कोशिश करने लगे।
जिसके बाद पत्रकार नशीरुद्दीन ने अपने मोबाइल से पुरी घटनाक्रम का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। पिड़ित पत्रकार ने यह भी बताया कि, जिस समय पुलिसकर्मी उनके साथ दुर्व्यवहार कर रहे थे, उस समय नारंगी कलर की शर्ट पहने एक व्यक्ति ने भी पुलिस का पक्ष लेते हुए, उनके साथ बदसलूकी किया, तथा मोबाइल छीन लिया। हालांकि कुछ देर बाद में मुसरीघरारी थाना की गश्ती में तैनात पीटीसी कारे दास के हस्तक्षेप से उनका मोबाइल उन्हें वापस मिल गया।
इस दौरान मौके पर काफी भीड़ जुट गई और शोरगुल होने लगा। स्थिति को देखते हुए वह स्थानीय लोगों की सलाह पर मेले से अपने घर लौट गए। इस दौरान पिड़ित पत्रकार नशीरुद्दीन ने सवाल उठाया कि, यदि मेले में महिला सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी तो, भीड़भाड़ वाले इलाकों में पर्याप्त पुलिसकर्मी क्यों नजर नहीं आए ?
उन्होंने यह भी सवाल किया है कि, ड्यूटी के संबंध में जानकारी मांगने और घटनाक्रम का वीडियो बनाने के दौरान कथित धक्का-मुक्की तथा मोबाइल छीने जाने की नौबत क्यों आई। पत्रकार मोहम्मद नशीरुद्दीन ने पुलिस प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने, मोबाइल लेने वाले व्यक्ति की पहचान और उसकी भूमिका स्पष्ट करने तथा संबंधित लोगों के विरुद्ध आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल, इस मामले में पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने नही आया है। मामले की वास्तविक स्थिति घटनाक्रम की जांच और संबंधित पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



