फ्लिपकार्ट कार्यालय लूटकांड का एसपी अरविन्द प्रताप सिंह ने लिया जायजा, फ्लिपकार्ट कार्यालय की बड़ी चूक आई सामने

समस्तीपुर। मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के हरपुर ऐलोथ स्थित फ्लिपकार्ट के क्षेत्रीय कार्यालय में हुई लूट की घटना का जायजा लेने, सोमवार 26 अक्टूबर को एसपी अरविन्द प्रताप सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। जहां उन्होंने मुसरीघरारी थानाध्यक्ष को अपराधियों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने, कार्यालय प्रबंधक रविशंकर कुमार सहित, वहां कार्यरत अन्य कर्मचारियों से भी आवश्यक पूछताछ कर घटना से संबंधित जानकारी लिया। जांच के दौरान कंपनी के कर्मचारियों के पुलिस सत्यापन से जुड़ी एक महत्वपूर्ण चूक भी सामने आई है।
आपको बता दें कि, बीते रात को दो बाइक पर सवार चार नकाबपोश हथियारबंद अपराधियों ने, फ्लिपकार्ट कार्यालय पहुंच लूटपाट की घटना को अंजाम दिया था। इस दौरान बदमाशों ने हथियार के बल पर करीब 1 लाख 49 हजार रूपए लूट लिए थे।
एसपी ने घटनास्थल का किया निरीक्षण
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी अरविन्द प्रताप सिंह स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कार्यालय की स्थिति का निरीक्षण किया और कार्यालय प्रबंधक रविशंकर कुमार तथा कर्मचारियों से पूछताछ कर अपराधियों की संख्या, उनके हथियार, वारदात के तरीके और फरार होने की दिशा के संबंध में जानकारी ली। एसपी ने मुसरीघरारी थानाध्यक्ष को मामले की गहन जांच करने और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
पुलिस आसपास के प्रमुख मार्गों और प्रतिष्ठानों में लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। चूंकि अपराधी कार्यालय में लगे सीसीटीवी सिस्टम का डीवीआर और हार्ड डिस्क अपने साथ ले गए हैं, इसलिए दूसरे कैमरों से मिलने वाले फुटेज की जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस अपराधियों के आने-जाने के रास्ते, इस्तेमाल की गई बाइकों और उनकी पहचान से जुड़े सुराग भी जुटाने में लगी हुई है।
कार्यालय के अधीन तैनात हैं करीब 30 कर्मचारी, लेकिन पुलिस वेरिफिकेशन किसी कर्मचारी का नही
लूटकांड की जांच के दौरान फ्लिपकार्ट कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों के पुलिस सत्यापन का मामला भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार, कार्यालय के अधीन करीब 30 कर्मचारी काम करते हैं, लेकिन जांच के दौरान कंपनी के पास किसी भी कर्मचारी का पुलिस वेरिफिकेशन प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं होने की बात बतायी जा रही है। इस तथ्य के सामने आने के बाद कंपनी की ओर से कर्मचारियों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कराए जाने को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि इतने कर्मचारियों के कार्यरत होने के बावजूद उनके पुलिस सत्यापन से संबंधित प्रमाण पत्र कार्यालय के पास उपलब्ध क्यों नहीं हैं। यह भी जांच का विषय है कि कर्मचारियों के सत्यापन की प्रक्रिया कराई गई थी या नहीं और यदि नहीं, तो इसके पीछे क्या वजह हो सकती है ?
लूटकांड के साथ सुरक्षा व्यवस्था की भी होगी पड़ताल
फ्लिपकार्ट कार्यालय में हुई इस वारदात ने निजी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों के सत्यापन की प्रक्रिया पर भी ध्यान खींचा है। कार्यालय में बड़ी संख्या में कर्मचारियों के कार्यरत रहने के बावजूद, पुलिस सत्यापन से जुड़े दस्तावेजों का उपलब्ध नहीं होना जांच का अहम बिंदु बन गया है। पुलिस लूटकांड की गुत्थी सुलझाने के साथ इस मामले से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता चारों हथियारबंद अपराधियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी करना, लूटी गई राशि बरामद करना और घटना में इस्तेमाल किए गए वाहनों के संबंध में जानकारी जुटाना है। एसपी के निर्देश के बाद पुलिस टीम विभिन्न संभावित सुरागों पर काम कर रही है। जांच पूरी होने और पुलिस की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही कर्मचारियों के सत्यापन से जुड़े मामले में आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




