17 सूत्री मांगों को लेकर उजियारपुर प्रखंड कार्यालय पर खेग्रामस का सत्याग्रह शुरू

उजियारपुर। अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के राज्यव्यापी सत्याग्रह आंदोलन के तहत, गुरुवार 13 अगस्त से उजियारपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में, 17 सूत्री मांगों को लेकर पांच मजदूर नेताओं ने अनशन शुरू कर दिया। आंदोलनकारियों ने भूमिहीनों को वासगीत जमीन देने, रोजगार की गारंटी करने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन समेत मजदूरों और गरीबों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की।
सत्याग्रह आंदोलन की शुरुआत किसान महासभा के जिलाध्यक्ष महावीर पोद्दार, प्रखंड सचिव गंगा प्रसाद पासवान एवं महिला नेत्री गुलशन आरा ने अनशनकारी तनंजय प्रकाश, अर्जुन दास, मणीकंचन रानी, फूलन देवी एवं मोहम्मद सकूर को फूल-माला पहनाकर कराई।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में पीपी एक्ट 1947 के तहत सभी भूमिहीनों को पांच डिसमिल वासगीत जमीन एवं आवास निर्माण के लिए पांच लाख रुपये देने, राशन सूची से गरीबों के नाम काटने पर रोक लगाने, वीबी-ग्रामीण रोजगार योजना के तहत 200 दिनों का काम एवं 700 रुपये दैनिक मजदूरी देने, पलायन पर रोक लगाने तथा रोजगार की गारंटी देने की मांग शामिल है।
इसके अलावा शिक्षा के निजीकरण पर रोक लगाने, सरकारी विद्यालयों को नवोदय विद्यालय की तर्ज पर विकसित करने, पानी, सफाई एवं होल्डिंग टैक्स की वसूली पर रोक लगाने तथा वृद्ध, दिव्यांग एवं विधवाओं को 3,000 रुपये मासिक पेंशन देने की मांग भी की गई।
अनशनकारियों को संबोधित करते हुए किसान महासभा के जिलाध्यक्ष महावीर पोद्दार ने केंद्र सरकार पर मजदूर विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मजदूरों के लिए बने मनरेगा कानून को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मजदूरों के लिए बने 44 श्रम कानूनों को खत्म कर चार लेबर कोड लागू करने से मजदूरों के संवैधानिक अधिकार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने मजदूरों और गरीबों के अधिकारों के लिए आंदोलन को और तेज करने की बात कही।
प्रखंड सचिव गंगा प्रसाद पासवान ने कहा कि, केंद्र और राज्य सरकारें मजदूर विरोधी नीतियां बना रही हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में बेहद कम आय में गरीब परिवार जीवन-यापन करने को मजबूर हैं, इसके बावजूद सरकार होल्डिंग टैक्स के साथ-साथ शिक्षा, पानी और बिजली से जुड़े शुल्कों का बोझ बढ़ा रही है। उन्होंने गरीबों पर बढ़ते आर्थिक दबाव को तत्काल कम करने की मांग की। आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक पहल नहीं करती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
कार्यक्रम को सुधांशु प्रियदर्शी, पप्पू यादव, विजय कुमार राम, मोहम्मद मुस्तफा, जागेश्वर राय, भीम सहनी, मोहम्मद उस्मान, विपिन राम सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।




